
-कृष्ण बलदेव हाडा-
कोटा। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने आज कोटा संभाग के चारों जिलों सहित टोंक और भीलवाड़ा जिलों में पिछले सप्ताह हुई बे-मौसम बरसात के कारण हुए फसल खराबे का हवाई सर्वेक्षण किया और राज्य सरकार से किसानों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे करवाकर उन्हें मुआवजा देने को कहा। श्रीमती वसुंधरा राजे आज जयपुर से हेलीकॉप्टर से टोक,भीलवाड़ा,बूंदी,कोटा,बारां व झालावाड़ जिलों का हवाई सर्वेक्षण कर यहां हुए फसलों के खराबे का अवलोकन किया।

बाद में उन्होंने कहा कि बीते सप्ताह हुई बरसात के कारण इन सभी जिलों में सोयाबीन, धान, मूंग,उड़द इत्यादि की फसलों को व्यापक पैमाने पर क्षति हुई है। अब तक पांच लाख से अधिक किसान तो औपचारिक रूप से राज्य सरकार के समक्ष अपनी खराबे के बारे में जानकारी दर्ज करवा चुके हैं लेकिन यह आंकड़ा पर्याप्त नहीं है क्योंकि इसलिए ऎसे कई हजार किसान है जिनके पास शिकायत दर्ज करवाने के संबंध में तरीके की जानकारी नहीं होने के कारण वह उचित मंच पर अपनी शिकायत दर्ज नहीं करवा पाते और नतीजे बाद में उन्हे मुआवजे से भी वंचित होना पड़ता है।
श्रीमती राजे ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार को खराबे से पीड़ित किसानों की सुध लेने तक की फुर्सत नहीं है। पिछले साल भी किसानों को मौसमी प्रकोप के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ा था लेकिन राज्य सरकार ने अभी तक उसके नुकसान के एवज में किसानों को मुआवजे का भुगतान नहीं किया है। उन्होंने कहा कि पहले 50 प्रतिशत या उससे अधिक खराबा होने पर ही। पीड़ित किसानों को मुआवजा दिया जाना जाने का प्रावधान था लेकिन
हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह करती है खराबे के इस प्रतिशत को 33 तक लाए हैं ताकि अधिक से अधिक किसान आपदा पीड़ित होने के बाद उचित मुआवजा हासिल करने के हकदार बन सके।

















