-कृष्ण बलदेव हाडा-

कोटा। अब यह लगता है कि कोटा जिले में सांगोद विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक पूर्व कैबिनेट मंत्री भरत सिंह कुंदनपुर बारां जिले के खान के झोपड़ियां में हो रहे अवैध खनन के मसले को लेकर राज्य सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में है और उनके निशाने पर एक बार फिर से राज्य के खनन मंत्री प्रमोद जैन भाया ही है।
बारां जिले के खान के झोपड़ियां नाम के जिस गांव में अवैध खनन का मसला पिछले काफी सालों से लगातार उठाया जाता रहा है। वह अवैध खनन इस दृष्टि से इसलिये भी और भी अधिक महत्वपूर्ण और प्रशासनिक तंत्र के नकारापन का उदाहरण बन जाता है कि यह गांव बारां जिले के अंता विधानसभा क्षेत्र के तहत आता है जिसका प्रतिनिधित्व विधायक के रुप में प्रमोद जैन भाया करते हैं जो वर्तमान में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार में खनन मंत्री हैं और इसी विभाग पर राज्य भर में खनन व्यवस्था को व्यवस्थित रखने और अवैध खनन जैसी गैर कानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी है। उल्लेखनीय तथ्य यह है कि पिछले कई दशकों से बारां जिले में काली सिंध नदी के नजदीक बसे एवं अपने नाम को सार्थक करते खान की झोपड़ियां गांव में अवैध खनन होता आ रहा है और एक आम धारणा यह बनाई गई है कि यहां खनन विभाग ने कुछ वैध खाने खनन के लिए आवंटित की गई है, लेकिन उनके आड़ में खनन माफिया व्यापक पैमाने पर अवैध खनन करता है जबकि सांगोद के विधायक श्री भरत सिंह का यह दावा हैरत में डाल देने वाला है कि पूरे खान की झोपड़ियां गांव में एक भी खान वैध तरीके से संचालित नहीं हो रही है। सभी खाने अवैध हैं और खनन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से इतने बड़े पैमाने पर यहां अवैध खनन हो रहा है जिसे बारां जिले का ही राजनीतिक नेतृत्व संरक्षण प्रदान कर रहा है जिसके चलते इस अवैध खनन को रोकने की कभी कोई कोशिश नहीं की, जबकि पिछले दिनों बारां के प्रभारी मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा भी इस गांव का दौरा कर चुके हैं।
खनन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पत्र लिखा
वरिष्ठ विधायक श्री भरत सिंह ने आज एक बार फिर से खनन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने याद दिलाया है कि वे पहले भी उन्हें पत्र लिखकर खान के झोपड़ियां गांव का यहां हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए अवलोकन करने का अनुरोध कर चुके हैं और उनसे यह लगातार कहते आ रहे हैं कि इस अवैध खनन को रोका जाए, लेकिन हो यह रहा है कि अभी तक न केवल प्रशासनिक स्तर पर बल्कि राज्य सरकार के स्तर पर भी इस मसले को पूरी तरह से गौण रखा जा रहा है और कोई भी अधिकारी-मंत्री इस पर कार्रवाई करने की मुद्रा में नजर नहीं आ रहा है। श्री भरत सिंह ने अपने इस पत्र में लिखा है कि ऎसे हालातों को देखते हुए अब यह लगता है कि खुद उन्हे ही कुछ करना होगा। खान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को आज भेजे पत्र में विधायक श्री भरत सिंह के शब्दों में- ” आप अगर दृष्टा बने रहे तो मुझे कुछ बड़ा कदम उठाना पड़ेगा और इसके लिए आप ही जिम्मेदार होंगे। ईश्वर आपको सच्चाई देखने में मदद करें। ” अपने इस पत्र में उन्होंने उप मुख्य सचिव को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए खान की झोपड़ियां गांव में हो रहे अवैध खनन का कल मंगलवार को खींचा गया एक फोटो भी संलग्न किया है जिसमें वे अवैध खनन कार्यों का निरीक्षण करते हुए नजर आ रहे हैं।
एक भी आवंटित वैध खान नहीं
श्री भरत सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि पूरे बारां जिले में एक भी आवंटित वैध खान नहीं है। खनन माफिया सक्रिय है और यह माफिया कोई और नहीं, वह इस विभाग का मुखिया ही है। अभी यह पत्र लिखकर सूचित कर रहा हूं कि मौके पर आकर स्वयं देखें और कार्यवाही करें। आपने सच्चाई को देखने का दम नहीं है। विभाग खुले आम अवैध खनन को संरक्षण प्रदान कर रहा है। बारां जिले के पुलिस अधीक्षक और जिला कलक्टर स्वयं देख चुके हैं। अब यह पत्र लिखकर सूचित कर रहा हूं कि मौके पर आकर स्वयं देखें और कार्यवाही करें।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं)

















