
-डॉ. रमेश चंद मीणा-

है,नव वर्ष
नव विमर्श
नव संघर्ष
नव उत्कर्ष।
नव जीवन लय
संग नव किसलय
विरोधों का विलय
सकारात्मकता का संलय।
वर्ष पुरातन बीता
आया!अंग्रेजी वर्ष नवनीता
रहे प्रवीण- पुनीता
गाएं मंगल गीत ।
नव उजास
नव हास
नव विकास
हो, सबके के पास
नव वर्ष की मनोकामनाएं
नव अशेष स्वस्ति कामनाएं ।।
-डॉ. रमेश चंद मीणा
सहायक आचार्य
चित्रकला
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