मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषदः भाजपा की ब्राह्मण और ओबीसी मतदाताओं पर नजर

shivraj
शिवराज सिंह

-तीन नए मंत्रियों में एक ब्राह्मण और दो अन्य पिछड़ा वर्ग से

-द ओपिनियन-

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर तीन नए मंत्री राज्य मंत्रिपरिषद में शामिल किए। चौहान ने राजेन्द शुक्ला को विंध्य से, महाकौशल से गौरीशंकर बिसेन और टीकमगढ़ से राहुल लोधी को मंत्रिपरिषद में शामिल किया है।
अब सवाल यह उठता है कि जब चुनावों में मात्र दो तीन माह का समय बचा हो तो उस समय मंत्रिपरिषद के विस्तार का क्या औचित्य है? इतने कम समय में नया मंत्री क्या कुछ कर लेगा? साफ है मंत्रिपरिषद का यह विस्तार चुनावी कसरत है और इसे सत्ता विरोधी रूझानों को थामने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। जिन तीन नेताओं को मंत्रिपरिषद में जगह दी गई है उनमें से एक ब्राह्मण और दो अन्य पिछड़ा वर्ग के नेता है। इसके साथ ही क्षेत्रीय समीकरणों का ध्यान रखा गया है। विंध्य, महाकौशल और बुंदेलखंड को प्रतिनिधित्व दिया गया है। साफ है इस विस्तार में अहम बिंदु सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण ही हैं। हालांकि मंत्रिपरिषद में अब एक और जगह खाली है।

राजेन्द शुक्ल विंध्य क्षेत्र के कद्दावर ब्राह्मण नेता माने जाते हैं और वर्तमान में रीवा से विधायक हैं। उनको मंत्रिमंडल में शामिल कर भाजपा ने विंध्य क्षेत्र और ब्राह्मण समाज को साधाने का प्रयास किया है। विंध्य क्षेत्र में करीब 14 फीसदी ब्राह्मण वोटर्स हैं। भाजपा विंध्य क्षेत्र में नवगठित विंध्य जनता पार्टी की चुनौती से भी चिंतित है। विंध्य जनता पार्टी को एक और मजबूत नेता नारायण त्रिपाठी का समर्थन हासिल है। भाजपा इस नए राजनीतिक दल की सियासी धार को भी कुंद करना चाहती है। इसलिए भाजपा ने शुक्ला को ब्राह्मण मतदाताओं को सकारात्मक संदेश देने के लिए ही मंत्रिमंडल में जगह दी है। वर्ष 2018 के चुनाव में भाजपा ने विंध्य क्षेत्र में 24 सीटें जीती थी जबकि कांग्रेस छह सीटों पर विजयी रही थी।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार सीधी पेशाब कांड को लेकर आरोपी प्रवेश शुक्ला का घर गिराए जाने के बाद विंध्य क्षेत्र का ब्राह्मण वोट बैंक पार्टी से छिटकता नजर आ रहा था। सीएम शिवराज अपने इस दांव से ब्राह्मण समाज की नाराजगी दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।

गौरीशंकर से बड़ी उम्मीद

गौरीशंकर बिसेन मध्य प्रदेश अन्य पिछडा वर्ग आयोग के अध्यक्ष हैं और महाकौशल क्षेत्र के कद्दावर नेता माने जाते हैं। बिसेन ने शिवराज मंत्रिमंडल में तीसरी बार मंत्री पद की शपथ ली है। बिसेन को अब मंत्रिपरिषद में स्थान देने के पीछे यही माना जा रहा है कि सरकार पिछड़ा वर्ग और महाकौशल क्षेत्र के मतदाताओं को साधना चाहती है। अब बिसेन को शामिल करने से उन लोगों की नाराजगी दूर हो सकेगी जो यह मानते हैं कि उनकी उपेक्षा की गई है। बिसेन से पहले महाकौशल क्षेत्र से एक ही मंत्री था। अब बिसेन को जगह देकर महाकौशल का प्रतिनिधित्व बढाया गया है। हालांकि लोग यह मानते हैं कि उन्हें अब भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व नही मिला है। पिछले विधानसभा चुनाव में महाकौशल क्षेत्र में कांग्रेस का दबदबा रहा था। इस अंचल की 38 सीटों में से कांग्रेस के खाते में 24 सीटें र्गइ थी जबकि भाजपा को 13 सीटें मिली थी। एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याषी विजयी रहा था। भाजपा को उम्मीद है कि बिसेन के मंत्रिपरिषद में आने से पार्टी का वोट बढेगा।

उमा भारती के भतीजे राहुल लोधी को मिली जगह

सीएम शिवराज ने एक अहम कदम के तहत खरगापुर के भाजपा विधायक राहुल सिंह लोधी को अपनी सरकार में जगह दी। राहुल पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे हैं और बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रभाव रखते हैं। बिसेन की तरह राहुल भी ओबीसी वर्ग से संबंधित हैं। पार्टी इनको मंत्री बनाकर लोधी वोट बैंक को भुनाना चाहती है। मध्य प्रदेश में इस समुदाय की अच्छी खासी आबादी है। इससे बुंदेलखंड से भाजपा को चुनावी लाभ मिलने की उम्मीद बढ गई हैं।

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