
हैदराबाद. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने 26 जनवरी को हैदराबाद स्थित वैक्सीन डेवलपर भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (बीबबीआईएल) द्वारा निर्मित अपनी तरह का पहला इंट्रानेजल कोविड वैक्सीन iNCOVACC लॉन्च किया। अभी तक देश में इंजेक्शन के जरिए लोगों को वैक्सीन लगाई जाती थी, लेकिन अब नेजल वैक्सीन भी तैयार हो चुकी है।
अग्रिम ऑर्डर देने वाले निजी अस्पतालों में iNCOVACC का रोलआउट शुरू होने की उम्मीद है। निजी अस्पतालों में इसकी कीमत 800 रुपए प्रति खुराक है। राज्यों और केंद्र सरकार द्वारा बड़ी मात्रा में खरीद के लिए इसकी कीमत 325 रुपए प्रति खुराक है।

टीके – BBV154 – को नवंबर में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से वयस्कों के बीच विषम बूस्टर खुराक के रूप में प्रतिबंधित आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी मिली थी। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, नेजल वैक्सीन को अभी बूस्टर डोज के तौर पर दिया जाएगा। मतलब जिन लोगों को कोवैक्सिन या कोवीशील्ड के दो-दो डोज लग चुके हैं, उन्हें ये नेजल वैक्सीन बूस्टर डोज के रूप में दी जाएगी। हालांकि जिन लोगों को वैक्सीन की एक डोज भी नहीं लगी है, उन्हें इसे प्राइमरी वैक्सीन के तौर पर भी दिया जा सकता है। इसके चार ड्रॉप्स हर एक शख्स को दिए जाएंगे। मतलब दोनों नॉस्ट्रिल्स में दो-दो ड्रॉप्स डाली जाएंगी। कंपनी की तरफ से ये नेजल वैक्सीन सरकार को 325 रुपये प्रति शॉट और निजी टीकाकरण केंद्रों को 800 रुपये प्रति शॉट के हिसाब से दी जाएगी।

















