
-द ओपिनियन-
पंजाब में सुरक्षा प्रबंध कडे कर दिए गए हैं और वारिस पंजाब दे के कट्टरपंथी नेता अमृतपाल सिंह को पकडने के लिए पूरे पंजाब में तलाशी अभियान जारी है। पुलिस ने अमृतपाल सिंह के फाइनेंसर समेत उसके कई अनयायियों को गिरफ्तार किए जाने की खबर है। हाल के दिनों में आॅस्टेलिया में हिंदू मंदिरों पर हुए हमले और कनाडा व ब्रिटेन में खालिस्तान समर्थक अलगाववादी तत्वों की गतिविधियों की खबरे लगातार आ रही थी। इनके साथ ही ऐसे तत्वों की पंजाब में भी सक्रियता बढ रही थी। ऐसे में इस तरह की गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए सरकार द्वारा सख्त कदम उठाया जाना जरूरी था। पंजाब में शनिवार शाम शुरू की गई कार्रवाई सरकार की इसी मंशा की कडी कही जा सकती है। समझा जाता है कि गत दिनों पंजाब में पुलिस थाने पर हमले की घटना के बाद सीएम भगवंत मान की केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद ही इस तरह की बडी कार्रवाई की योजना बनी। सरकार अलगाववादी तत्वों को अपनी गतिविधियों को जारी रखने की अनुमति नहीं दे सकती। विदेशों में जारी अलगाववादी गतिविधियों के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई संलिप्तता पर किसी को संदेह नहीं है, वहीं पंजाब में सक्रिय अलगाववादी तत्वों के तार भी आईएसआई से जुडे होने की बात किसी से छुपी हुई नहीं है। इसलिए अलगाववाद की समय रहते कमर तोडना जरूरी है।
पंजाब पुलिस ने अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई को लेकर लोगों को सोशल मीडिया पर चल रही अफवाह को लेकर अलर्ट किया है। पुलिस ने ट्वीट कर कहा कि किसी भी बहकावे में नहीं आएं और सिर्फ विश्वसनीय सोर्स पर ही भरोसा करें। यह बात भी जगजाहिर है कि पाकिस्तान में बैठे अलगाववादी तत्व सोशल मीडिया पर भारत विरोधी अभियान व दुष्प्रचार अभियान चलाते रहते हैं। पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि पाकिस्तान से सोशल मीडिया पर भेजी जा रही झूठी जानकारियों पर यकीन ना करें।
अमृतपाल सिंह भगोड़ा घोषित
पंजाब पुलिस ने अमृतपाल सिंह को भगोड़ा घोषित कर दिया है। पूरे पंजाब में पुलिस प्रशासन अलर्ट है। फिलहाल राज्य में हालात सामान्य हैं। अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी हैै। शनिवार शाम से रविवार दोपहर 12 बजे के लिए इंटरनेट सेवा भी बंद की गई है। सरकार ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कदम उठाए हैं।

















