
-द ओपिनियन-
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान को गुरुवार को रामपुर की एक अदालत ने हेट स्पीच मामले में दोषी ठहराया। अदालत ने आजम खान और दो अन्य आरोपियों को मामले में 2000 रुपये के जुर्माने के साथ तीन साल जेल की सजा सुनाई गई ।
2019 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ उनकी टिप्पणियों को लेकर आजम खान के खिलाफ अभद्र भाषा का मामला दर्ज किया गया था। सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद, सपा नेता को जमानत दी गई और आदेश के खिलाफ अपील करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा अंतरिम जमानत दिए जाने के बाद आजम को इस साल की शुरुआत में रिहा किया गया था। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और चोरी समेत करीब 90 मामले दर्ज हैं। अदालत के इस फैसले के कारण खान की विधानसभा की सदस्यता समाप्त हो सकती है, क्योंकि नियमानुसार सांसद/विधायक को दो साल या उससे अधिक की सजा होने पर उनकी सदन की सदस्यता समाप्त हो जाती है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा जुलाई 2013 में जारी दिशा-निर्देश के मुताबिक अगर सांसदों और विधायकों को किसी भी मामले में दो साल से ज्यादा की सजा होती है तो उनकी सदस्यता (संसद और विधानसभा से) समाप्त हो जाएगी।















