
-कृष्ण बलदेव हाडा-
कोटा। राजस्थान में कोटा के जिला मजिस्ट्रेट ओपी बुनकर ने आगामी मकर संक्रांति पर्व को देखते हुए आज एक आदेश जारी कर पतंग उड़ाने के लिए उपयोग में लाए जाने वाले सिन्थेटिक धागे, चाईनीज मांझे के उपयोग, भण्डारण एवं विक्रय पर जिले की राजस्व सीमा क्षेत्राधिकारिता में 31 जनवरी तक प्रतिबंध लगाया है। श्री बुनकर ने पक्षियों को नुकसान से बचाने के लिए प्रतिदिन प्रातः 6 से 8 बजे तथा सांय 5 से 7 बजे तक पतंग उड़ाने पर प्रतिबन्धित किया है। जिला मजिस्ट्रेट के जारी आदेशानुसार आगामी मकर संक्रांति पर्व पर पतंगबाजी के लिए धातुओं के मिश्रण से निर्मित मांझा प्रयुक्त किए जाने की सम्भावना है। यह मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण से निर्मित होने से धारदार तथा विद्युत का सुचालक भी होता है। जिसके उपयोग के दौरान दुपहिया वाहन चालक तथा पक्षियों को नुकसान होता है। साथ ही विद्युत का सुचालक होने के कारण विद्युत तारों के सम्पर्क में आने पर विद्युत प्रवाह होने से पतंग उड़ाने वाली को भी नुकसान पहुंचता है तथा विद्युत सप्लाई में बाधा उत्पन्न होने की सम्भावना बनी रहती है।
आदेशानुसार लोक स्वास्थ्य व विद्युत संचालन बाधा रहित बनाए रखने एवं पक्षियों के लिए बड़े पैमाने पर खतरा बन चुके धातु मिश्रित मांझा पक्का धागा, नायलोन, प्लास्टिक मांझा जो सिंथेटिक, कांच, धातु मिश्रित चाईनीज मांझा, टोस्सीक मेटेरियल यथा आयरन पाउडर ग्लास पाउडर का बना हो, इनकी थोक व खुदरा बिक्री तथा उपयोग को जिले की राजस्व सीमा क्षेत्राधिकारिता में निषेध किया गया है। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति मांझे का भण्डारण, विक्रय, परिवहन तथा उपयोग करेगा तो उसके विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।
आदेश के अनुसार पक्षियों को नुकसान से बचाने के लिए प्रातः 6 से 8 बजे तथा सांय 5 से 7 बजे तक पतंग उड़ाने पर प्रतिबन्ध रहेगा। आदेश की अवमानना करने पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा तथा अवहेलना करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध नियमानुसार अभियोग चलाया जाएगा।


















चाइनीज मांझा जान लेवा साबित होता है.इस मांझे की बिक्री तथा पतंगबाजी पर स्थाई प्रतिबंध होना चाहिए .