समय का चक्र: खुशी भी और गर्व भी!

whatsapp image 2026 08 16 at 18.27.55
NALSAR LAW यूनिवर्सिटी में साथी चयनकर्ताओं के साथ अजातशत्रु।

-शैलेश पाण्डेय-

shailesh pandey
शैलेश पाण्डेय

हैदराबाद की जिस NALSAR LAW यूनिवर्सिटी में जीवन के सबसे महत्वपूर्ण पांच साल बिताए हों, जहां से आपके भविष्य की दिशा तय हुई हो, जहां कभी Moot Court टीम में जगह बनाने के लिए दिग्गज चयनकर्ताओं के सामने अपनी योग्यता साबित की हो, वहां बरसों बाद लौटना अपने आप में भावुक कर देने वाला अनुभव है। उस खुशी को शायद शब्दों में पूरी तरह बयान नहीं किया जा सकता।
और जब उसी यूनिवर्सिटी की Moot Court टीम के चयन के लिए आपको बुलाया जाए, तो यह खुशी गर्व में बदल जाती है। एक समय था जब आप इसी Moot Court टीम में चयन के लिए सामने बैठे थे। अपनी योग्यता साबित करने के बाद परिणाम का इंतजार कर रहे थे। मन में एक ही सवाल था, चयन होगा या नहीं। उंगलियां क्रॉस थीं और दिल में उम्मीद।
आज समय ने वही तस्वीर बदल दी है। जब आपका चयन हुआ तो आपसे ज्यादा हमारी खुशी का पारावार नहीं था।
आज समय ने चक्र पूरा कर दिया है। इस बार आप मंच के दूसरी तरफ थे, एक निष्पक्ष चयनकर्ता की भूमिका में, उस सर्वश्रेष्ठ टीम को चुनने के लिए जो देश भर में संस्थान का प्रतिनिधित्व करेगी। उस पल मन में क्या गुज़रती है, इसे शायद वही समझ सकता है जिसने यह सफ़र खुद तय किया हो।

whatsapp image 2026 08 16 at 18.28.29

वर्ष 2016 में NALSAR LAW यूनिवर्सिटी में उपाधी वितरण समारोह के समय।एक माता पिता के लिए इससे बड़ा गर्व का क्षण और क्या हो सकता है कि जिस बेटे
अजातशत्रु को कभी एक विद्यार्थी के रूप में इस यूनिवर्सिटी में छोड़कर आए थे, आज उसी बेटे को देश की सर्वश्रेष्ठ लॉ यूनिवर्सिटी में चयनकर्ता की भूमिका में देख रहे हैं।
NALSAR हमारे लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि इससे हमारा एक भावनात्मक रिश्ता जुड़ा है। कुछ अवसरों पर हमें यहां आने का मौका मिला। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य, बच्चों को आजादी और समानता से भरपूर खुला माहौल, शिक्षा की उच्चस्तरीय सुविधाएं, विद्वान फेकल्टी, दुनियाभर की किताबों से भरी लाइब्रेरी, केन्टीन जैसा क्या कुछ नहीं था। इससे भी ज्यादा यही वह जगह है, जहां से बेटे के भविष्य को एक नई दिशा मिली।
आज भी वह दिन याद है। एडमिशन के बाद जब बेटे अजातशत्रु को यहां छोड़कर सूरत लौट रहे थे, तो मन कई आशंकाओं से भरा था। बेटा पहली बार इतने दूर था। मन में सवाल थे। वह कैसे रहेगा? पढ़ाई कैसी चलेगी? खुद को कैसे संभालेगा?

whatsapp image 2026 08 16 at 18.25.11
NALSAR LAW यूनिवर्सिटी में अजातशत्रु।

लेकिन इस संस्थान ने उसे सिर्फ कानून नहीं सिखाया। इसने उसे एक बेहतर इंसान बनने की सीख दी। जीवन के उतार चढ़ाव का सामना करना सिखाया। मुश्किल वक्त में खुद पर भरोसा रखना और परिस्थितियों से लड़कर आगे बढ़ना और अपने पैरों पर खड़े होना सिखाया।
आज उसी संस्थान में उसे एक चयनकर्ता के रूप में देखकर हमारा मन सचमुच गर्व से भर जाता है और NALSAR के लिए दुआएं निकलती हैं।

whatsapp image 2026 08 16 at 18.26.25
NALSAR LAW यूनिवर्सिटी का मुख्य प्रवेश द्वार।

दुआ बस यही है कि NALSAR आगे भी देश को बेहतरीन कानून के विद्यार्थी देने के साथ ऐसे युवा तैयार करता रहे, जो ज्ञान के साथ संवेदनशीलता और चरित्र को भी महत्व दें। NALSAR जैसे संस्थान केवल कॅरियर नहीं बनाते, वे व्यक्तित्व भी गढ़ते हैं।

Advertisement
Subscribe
Notify of
guest

0 Comments
Oldest
Newest Most Voted