
कोटा से शुरू हुआ छात्र संवाद अब जयपुर पहुंचा, पेपर लीक मुद्दे पर कांग्रेस ने तेज किया राजनीतिक अभियान
-देवेंद्र यादव-

पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बीच क्या कांग्रेस ने अब देशभर के छात्रों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक और सतर्क करने का अभियान शुरू कर दिया है? इसकी एक झलक 22 जुलाई, बुधवार को गुलाबी नगरी जयपुर में देखने को मिली।
राजस्थान के टोंक से विधायक, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने जयपुर स्थित अंबेडकर सभागार में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए छात्रों से सीधा संवाद किया। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग और सतर्क रहें तथा अपने हक के लिए आवाज उठाने से पीछे न हटें।
17 जुलाई को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा से ‘छात्र संवाद’ कार्यक्रम की शुरुआत की थी। अब कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता भी अलग-अलग राज्यों में इस अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से कांग्रेस यह संदेश देने का प्रयास कर रही है कि केंद्र सरकार छात्रों के अधिकारों के साथ किस प्रकार अन्याय कर रही है। साथ ही, छात्रों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने की कोशिश भी की जा रही है।
नीट परीक्षा के कथित पेपर लीक के बाद देशभर के छात्र लंबे समय से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारी छात्रों ने 20 जुलाई को दिल्ली में अपनी मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया था। इस दौरान कई छात्र घायल हुए, जिन्हें दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। सरकार की ओर से बातचीत के प्रयासों के बावजूद अब तक कोई समाधान निकलता दिखाई नहीं दे रहा है और छात्र अब भी जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं।
21 जुलाई को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों और नेताओं ने आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में मार्च निकाला। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी तथा पार्टी के अन्य सांसद और नेता प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठ गए।
22 जुलाई को कांग्रेस सांसदों ने राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में काले कपड़े पहनकर संसद भवन और संसद परिसर में छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी अपने सांसदों के साथ शामिल हुए। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ काले वस्त्रों में छात्रों के समर्थन में नजर आए।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या कांग्रेस ने देशभर के छात्रों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू कर दिया है? इसकी झलक जयपुर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में भी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान सचिन पायलट ने केंद्र सरकार से मांग की कि अयोध्या के राम मंदिर में कथित चोरी से जुड़े मामले में बरामद धनराशि उन परिवारों को दी जाए, जिनके बच्चों ने पेपर लीक प्रकरण से निराश होकर आत्महत्या की है। उन्होंने यह अपील हाथ जोड़कर की।
ऐसा प्रतीत होता है कि कांग्रेस अब ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के माध्यम से देशभर में छात्रों के अधिकारों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक और जन आंदोलन का रूप देने की तैयारी में है। इसकी झलक राजस्थान में स्पष्ट दिखाई दी। 22 जुलाई को एक ओर जयपुर में सचिन पायलट छात्रों से संवाद कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में जयपुर की सड़कों पर मार्च निकाल रहे थे। उधर दिल्ली में राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसद संसद के भीतर और बाहर काले वस्त्र पहनकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। यह उनके निजी विचार हैं।)

















