वन्यजीवों के संरक्षण में ग्रामीण समाज की अहम भूमिका

-वन्यजीव संरक्षण सप्ताहः चम्बल संसद- बाघ चीता मित्र - मुकुंदरा के मंदिरगढ़ में ग्रामीणों की समस्या को सुना क्षेत्र निर्देशक ने

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– मुकेश गुर्जर-

कोटा। जल बिरादरी की चम्बल संसद और बाघ- चीता मित्रों ने वन्यजीव संरक्षण सप्ताह के तहत ग्रामीणों को वन्यजीवों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मुकंदरा बाघ रिजर्व के क्षैत्र निर्देशक शारदा प्रताप सिंह ने कहा कि वन्यजीव और जल जंगल एक दूसरे के पूरक है । जंगल को बचाने में ग्रामीण समाज की बड़ी भूमिका है। सरकार मुकुंदरा में बाघों को बसाने के प्रति गंभीर है शीघ्र ही बाघों को यहां स्थांनांतरित करने की योजना पर कार्य चल रहा है। मंदिर गढ़ के तालाब में पानी की उपलब्ध्ता बनी रहे इसके लिए विभाग हर संभव प्रयास करेगा।

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ग्रामीणों से चर्चा करते हुए

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि वन्यजीव प्रेमी सांगोद पंचायत समिति के प्रधान जयवीर सिंह ने कहा कि मुकुंदरा के जंगल में एक बाघिन को ले कर लोगों की चिंता है,उसका जोड़ा बनना चाहिए। बाघ- चीता मित्र के संयोजक बृजेश विजयवर्गीय ने कहा कि जहां बाघ होते है वहां जंगल और पानी खूब पनपता है। इससे ग्रांमीणों का जीवन खुशनुमा होता है। गांव समृद्ध होते हैं तो फिर वहां से कोई पलायन नहीं होता। तरूण भारत संघ के प्रबंधक चमन सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि क्षैत्र में पर्याप्त वर्षा होने के बाद भी यहां वर्षा जल की नहीं ठहरना चिंता जनक है। तरूण भारत संघ ने डीसीएम श्री राम फाउण्डेशन की मदद से मंडाना क्षै़त्र के तीन तालाबों का पुनरूद्धार किया है। इससे वहां भू गर्भ जल पुनर्भरण हुआ। 90 से अधिक जल संरचानाओं का सर्वे किया गया है। छोटी छोटी जल संरचनाओं को सहेजने के लिए गांवों को जागृत किया जा रहा है।इस अवसर पर केके शर्मा के अलावा आसपास के ग्रामीणों ने एक स्वर से वन्यजीवों के हितार्थ कर कार्य में सहयोग का विश्वास दिलाया। चम्बल संसद के मुकेश गुर्जर एवं कपिल व्यास ने जल संरचनओं की जानकारी सांझा की। इस अवसर पर शारदा प्रताप सिंह एवं जयवीर सिंह का अभिंनदन किया गया।
(सह प्रभारी तरूण भारत संघ, मंडाना कैम्प कार्यालय)

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