
-दुष्यंत सिंह गहलोत-
कोटा.कोटा में एसडीपी व रक्तदान के क्षेत्र में निस्वार्थ सेवा भाव से टीम जीवनदाता द्वारा कार्य किए जा रहे हैं, ऐसे में मरीज को समय रहते एसडीपी उपलब्ध कराई जा रही है। परेशान मरीज के परिजन भटकते हुए यहां टीम जीवनदाता के पास पहुंचे हैं जहां उन्हें मंजिल मिलती है, ऐसा ही मामला सामने आया जब निजी अस्पताल में भर्ती मरीज श्योपुर निवासी निमेश गोयल की प्लेटलेट गिरती जा रही थी, और 13000 से कम होने पर स्थिति गंभीर हो गई। मरीज के परिजन कुछ समझ नहीं पा रहे थे, उन्होंने गुगल पर सर्च किया तो भुवनेश गुप्ता का हेल्पलाइन 9414000800 पता चला और वह ब्लड बैंक पहुंचे। उन्होंने सारी व्यथा सुनाई, उसके बाद टीम जीवनदाता के संयोजक व लायंस क्लब के रीजन चेयरमैन भुवनेश गुप्ता ने प्रयास शुरू किए तो चित्तौड़गढ़ अजमेर से एक कंपनी थायराइकेयर के प्रतिनिधि की टीम कोटा आई थी, वह टीम जीवनदाता से जुडे हुए थे। ऐसे में अजमेर निवासी रोहित राय टीम सदस्य हेड विकास शर्मा की प्रेरणा से ब्लड बैंक पहुंचे जहां उन्होंने पूरी प्रक्रिया को समझा। इससे पहले कभी ब्लड भी नहीं दिया ऐसे में पहली बार एसडीपी की संपूर्ण प्रक्रिया को अपना ब्लड बैंक में काउंसलर ने समझाया। ऐसे में तुरंत मोटिवेट होकर रोहित ने एसडीपी कर मरीज की मदद का प्रयास किया। भुवनेश गुप्ता ने बताया कि श्योपुर के मरीज को अजमेर के युवक द्वारा कोटा में एसडीपी देने से लगता है कि ये संयोग ईश्वरीय है। इस अवसर पर पवन धाकड, ललित अहीर, दीपक सैनी, रोहित राज, शिवलाल डांगी, हरजी कुमावत, किशन शर्मा, पोरवाल युवक संघ के पूर्व अध्यक्ष रविन्द्र कुमार गुप्ता सहित कई लोग उपस्थित रहे।

















