
-कृष्ण बलदेव हाडा-

कोटा। फरियादी से ही उसके खिलाफ हुए अपराध के सबूत मांगना राजस्थान की पुलिस की पुरानी रवायत रही है और इसी परंपरा को एक फरियादी से अपराध के सबूत लाकर पेश करने को कोटा पुलिस ने भी आगे बढ़ाया है। अब यह दीगर बात है कि पुलिस की पुरानी परंपराओं के निर्वहन की आदत उस फरियादी को उसके खिलाफ पहले हुए अपराध की तुलना में कहीं अधिक जघन्य और नृशंस तरीके से हुए अपराध के रूप में झेलना पड़ा और अब वह अस्पताल के बिस्तर में पड़े रह कर अपना इलाज करवा रहा है।
कोटा पुलिस की इस कार्यशैली का ताजा शिकार बना है युवा ऑटो चालक तबरेज (40) जिस पर पिछले तीन दिन में दो बार चाकू से हमले हुए। उस पर पहला हमला 25 अक्टूबर की शाम को तब हुआ था जब डीसीएम रोड पर रेलवे लाइन से पहले अहलूवालिया मॉल के बाहर से बोरखेड़ा के लेबर चौराहे तक जाने के लिए दो युवक उसके ऑटो में बैठे थे और वहां उतरने के बाद किराए को लेकर झिक-झिक करने लगे। तबरेज के पूर्व में बताए अनुसार ही किराया लेने के लिए अड़े रहने पर उन लोगों ने चाकू से उस पर हमला कर दिया। हमले में उसके शरीर पर दो घाव लगे। वह अपनी फरियाद लेकर बोरखेड़ा थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसकी रिपोर्ट पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की पहल करने के बजाय फरियादी को ही सबूत के तौर पर अपराधियों की करतूत के सीसीटीवी फुटेज लाने के काम में लगा दिया।
अब पुलिस की इस बपरवाही के नतीजे का नतीजा तीन दिन बाद 28 अक्टूबर को सामने आया जब वह रेलवे स्टेशन से एक कोचिंग छात्र को हॉस्टल पहुंचाने के लिए जवाहर नगर क्षेत्र पहुंचा तो ऑटो का पीछा करते आए दो बाइकों पर सवार पांच युवकों ने उस पर अचानक चाकू से हमला कर दिया है। पहले ही दो घाव खा चुके तबरेज के हिस्से इस बार 12 घाव आए। खौफ़जदा कोचिंग छात्र तो भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा लेकिन बेखौफ अपराधी चाकूबाजी कर मोटर साइकिल लोग से भाग निकले।
फ़िर लकीर पीटने की पुरानी परिपाटी की बारी आई। पहली वारदात के समय जिस फरियादी को बोरखेड़ा थाने से टरका दिया था, इस बार जब उस पर हमला हुआ तो एक-दो नहीं बल्कि शहर के पांच थानों की पुलिस वाकया स्थल पर पहुंची और वह भी दो-दो पुलिस उप अधीक्षकों के साथ। इस मर्तबा ताबड़तोड़ कार्यवाही करते हुए अपराधियों को पकड़ने के लिए तीन पुलिस टीमें भी गठित कर दी गई । हालांकि आज देर शाम पुलिस अधीक्षक (शहर) केसर सिंह शेखावत ने सूचना दी कि तलवंडी में तबरेज के साथ हुई चाकूबाजी के मामले में पुलिस ने तीन बदमाशों न समीर अंसारी उर्फ़ गंजा (21), एजाज अहमद उर्फ अज्जू (25) और मनीष उर्फ़ बदमाश (21) को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल कर ली है।
यहां यह उल्लेखनीय है कि पकड़े जाने के बाद रविवार शाम जिन तीन अपराधियों के बारे में पुलिस ने जानकारी दी और उन्होंने भी प्रारम्भिक पूछताछ में यह स्वीकार किया है कि 25 अक्टूबर को बोरखेड़ा में किराए को लेकर ऑटो चालक तबरेज से वाद विवाद होने के कारण ही आपसी रंजिश पर उन्होंने 28 अक्टूबर को उसके साथ तलवंडी में चाकूबाजी की वारदात को अंजाम दिया था। इससे स्पष्ट है कि यदि कोटा पुलिस ने 25 अक्टूबर की घटना को गंभीरता से लेकर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने में तत्परता बरती होती तो 28 अक्टूबर की घटना को टाला जा सकता था।
पिछले कुछ महीनों में कोटा में लगातार बढ़ रही चाकूबाजी की घटनाओं के कारण पहले ही से कटघरे में खड़ी शहर पुलिस की इस मसले पर किरकिरी होती दिखी तो पहले तो पुलिस की जांच की सुई यह पता लगाने में अटकी रही कि फरियादी तबरेज ही कहीं कोई पुराना अपराधी तो नहीं ताकि यह स्थापित कर दिया जाए कि-” वह तो है ही ऐसा! ऐसे लोगों के साथ ऐसी वारदातों तो होती ही रहती है। ” लेकिन जब बीते एक दशक से ऑटो चला कर अपना परिवार पाल रहे तबरेज का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला तो अब मीडिया को अपराधियों की धरपकड़ की त्वरित कार्यवाही के बारे में जानकारी देने के साथ लगे हाथ यह भी बताया जा रहा है कि तबरेज के कुछ ‘संदिग्ध चरित्र’ के लोगों से संबंध रहे हैं। कोशिश पूरी है कि तबरेज को ही संदिग्ध साबित कर दिया जाए।
कथित रूप में शांति भंग के आरोप में धारा 107-151 या पुलिस के मर्जीदान पुलिस एक्ट के तहत किसी को भी गिरफ्तार करने से लेकर अन्य अपराधों में लिप्त लोगों को पकड़ने के बारे में खबरें जारी करने वाली शहर पुलिस आमतौर पर किसी भी संगीन अपराध का ब्यौरा अपनी ओर से देने की पहल नहीं करती।
कोटा पुलिस को यह बात समझने की जरूरत है कि पूरा देश कोटा को कोचिंग सिटी के रूप में जानता है और उद्योग-धंधे बंद होने के बाद यहां की अर्थव्यवस्था इन्ही कोचिंग स्टूडेंट के बूते चल रही है लेकिन दुर्भाग्य यह है कि कोटा में सबसे अधिक चाकूबाजी उन्हीं इलाकों में हो रही है जहां सबसे अधिक कोचिंग छात्र रहते है। जैसे कोटा के कुन्हाड़ी इलाके में सबसे ज्यादा चाकूबाजी से जुड़े अपराध होते हैं जो अब शहर का बड़ा कोचिंग स्पॉट बन गया है।
















