
— महिलाओं के टिकट जारी कर पुरुषों को करवा रहे यात्रा
— निरिक्षण मे उजागर हुई धांधली
-सावन कुमार टांक-

कोटा। राजस्थान सरकार ने रोडवेज किराए में महिलाओं को 50 प्रतिशत की छूट देने की घोषणा की है। अब महिलाओं को इसके लागू होने का इंतजार है। साथ ही इन रियायती स्कीमों की आड में कई अधिकारी और परिचालक रोडवेज को आर्थिक नुकसान पहुंचा अपनी जेब भरने मे लगे हुए हैं।
जिन परिचालकों पर मुख्य प्रबंधकों का वरद हस्त रहता है वो परिचालक कई तरह के हथकंडे अपना रोडवेज की रियायती स्कीमों से ऊपरी कमाई करते हैं। यहां तक कि महिलाओं के टिकट जारी कर पुरुषों को यात्रा करवाते हैं।
जानकारी के अनुसार कोटा आगार में यह गोरख धंधा काफी फल फूल रहा है। यह बात वाहन के निरीक्षण मे उजागर हुई है।

बारां आगार के सहायक यातायात निरिक्षक ने बताया कि 9 मार्च 2023 को कोटा आगार की वाहन संख्या -7204 खातोली-कोटा बस का निरिक्षण बोरखंडी चैक पोस्ट पर किया गया तो पुरुष यात्रियों के पास महिलाओं के टिकट मिले। बस सारथी राहुल शर्मा और परिचालक रामावतार शर्मा महिलाओं के टिकट में दो पुरुषों को यात्रा करवा रहे थे। याित्रयों ने भी काफी हगांमा किया जिसकी रिपोर्ट मुख्यालय कंट्रोल रूम को दी गई। साथ ही निरिक्षक ने चालक की लागपत्र संख्या-8412995 की एक प्रति जब्त कर की थी, लेकिन मुख्यालय की ओर से अभी तक किसी प्रकार की कार्यवाही बस सारथी और परिचालक पर नहीं की है।

रोडवेज अधिकारी दे रहे निजी बसों को बढावा
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रोडवेज मे कई परिचालक दीमक का काम रहे हैं। उन्हें पोषण उन अधिकारियों से मिलता है जो बरसों से एक ही डिपो में चिपके हुए है। कई उच्च आय वाले मार्गो पर बसो की संख्या कम है तो निजी बसों का संचालन दोगुना हो गया है। नाम गुप्त रखने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि उडनदस्ते के चालक ही मुख्य दलाली का काम करता है। रोडवेज में अधिकारी मनमर्जी से उडनदस्ते का उपभोग करते हैं, जबकि डिपो की आय लक्ष्य निरिक्षक पैदल एवं बिना उडनदस्ते के वाहन निरीक्षण करने को मजबूर किया जाता है।
महिलाओं की 30 प्रतिशत रियायती राशि का पुनर्भरण राज्य सरकार करती है। महिलाओं को न सीट मिलती है, महिलाओं के टिकट में पुरूष सीटों पर बैठते हैं। यही कारण पूरा किराया देने वाले यात्रियों का रुझान निजी बसों की ओर अधिक रहता हैं।

















