अपने सुगंधित होने की सजा पाता है

chandan

चंदन

-प्रकाश केवडे-

prakash kevde
प्रकाश केवडे

चंदन बनना
क्या आसान होता है?
काटा घिसा
आख़री बूंद तक
निचोडा
अंत में
जलाया जाता है
अपने सुगंधित होने
की सजा पाता है।

प्रकाश केवडे

Advertisement
Subscribe
Notify of
guest

1 Comment
Oldest
Newest Most Voted
श्रीराम पाण्डेय कोटा
श्रीराम पाण्डेय कोटा
3 years ago

चंदन और कस्तुरी मृग की एक जैसी गति होती है,केवड़े जी ने सही मुद्दा उठाया है