राजस्थान में दर्जनों विधानसभा सीटें एसीबी हैं, जो जनरल हैं मगर इन सीटों पर किसी भी पार्टी की जीत और हार का निर्णय दलित और आदिवासी मतदाता करते हैं। हाडोती संभाग में पीपल्दा की जनरल सीट पर रामनारायण मीणा कांग्रेस से विधायक हैं। मीणा अनुसूचित जनजाति के हैं मगर जनरल सीट से वह विधानसभा का चुनाव जीते हैं क्योंकि पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति और जनजाति के मतदाताओं की तादाद अधिक है। पीपल्दा जैसी राजस्थान में कई विधानसभा सीटें हैं जहां पर जीत और हार का निर्णय अनुसूचित जाति और जनजाति के मतदाता करते हैं
-हाईकमान ने दी लीडरशिप डेवलपमेंट मिशन को जिम्मेदारी
-देवेंद्र यादव-

कांग्रेस कर्नाटक विधानसभा के चुनाव में बेहतर स्थिति में आ गई है, कांग्रेस को उम्मीद है, कर्नाटक में कांग्रेस प्रचंड बहुमत के साथ अपनी सरकार बनाएगी ?
राजस्थान में, 2023 के विधानसभा चुनाव को कांग्रेस जीत कर अपनी सरकार को बरकरार रखने के लिए, तेजी से चुनावी रणनीति में जुट गई है।
जहां एक तरफ कांग्रेस सरकार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के लिए प्रदेश भर में महंगाई राहत कैंपों का आयोजन कर रही है तो वही कॉन्ग्रेस लीडरशिप डेवलपमेंट मिशन अनुसूचित जाति जनजाति की 59 सीटों पर 2023 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करे, इसके लिए लीडरशिप डेवलपमेंट मिशन के राष्ट्रीय नेताओं ने कमर कस ली है।
पार्टी हाईकमान में दलित और आदिवासी सीटों को कांग्रेस कैसे जीते इसकी जिम्मेदारी लीडरशिप डेवलपमेंट मिशन और कांग्रेस के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ को दी है।
लीडरशिप डेवलपमेंट मिशन के राष्ट्रीय संयोजक पूर्व आईएएस अधिकारी गांधी परिवार के नजदीकी के राजू और अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश लिलोठिया ने राजस्थान का दौरा कर बता दिया था कि राजस्थान की दलित और आदिवासी सीटों को कैसे जीता जाएगा ? लीडरशिप डेवलपमेंट मिशन कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद, पूरी तरह से राजस्थान में मिशन 59 के अभियान में जुट जाएगा ? लीडरशिप डेवलपमेंट मिशन के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर राजस्थान अनुसूचित वित्त आयोग के चेयरमैन डॉ शंकर यादव, मिशन 59 अभियान में सक्रिय नजर आ रहे हैं डॉ शंकर यादव ने लगभग पूरे राजस्थान का दौरा भी कर लिया है और वह प्रदेश भर में घूम कर, कार्यकर्ताओं से जान रहे हैं कि कॉन्ग्रेस 2023 के विधानसभा चुनाव में दलित और आदिवासी सीटों को कैसे जीते ?

राजस्थान में दर्जनों विधानसभा सीटें एसीबी हैं, जो जनरल हैं मगर इन सीटों पर किसी भी पार्टी की जीत और हार का निर्णय दलित और आदिवासी मतदाता करते हैं। हाडोती संभाग में पीपल्दा की जनरल सीट पर रामनारायण मीणा कांग्रेस से विधायक हैं। मीणा अनुसूचित जनजाति के हैं मगर जनरल सीट से वह विधानसभा का चुनाव जीते हैं क्योंकि पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति और जनजाति के मतदाताओं की तादाद अधिक है। पीपल्दा जैसी राजस्थान में कई विधानसभा सीटें हैं जहां पर जीत और हार का निर्णय अनुसूचित जाति और जनजाति के मतदाता करते हैं क्या कांग्रेस उन सीटों पर भी लीडरशिप डेवलपमेंट मिशन को जिम्मेदारी देगी ?
क्योंकि राज्य की अशोक गहलोत सरकार ने अपने शासनकाल में अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चला रखी हैं इन योजनाओं से इन वर्गों के लोग लाभान्वित भी हो रहे हैं।
देवेंद्र यादव, कोटा राजस्थान
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं। यह लेखक के निजी विचार हैं)

















