
-कृष्ण बलदेव हाडा-

कोटा। राजस्थान में कोटा नगर निगम उत्तर में चुनाव होने के बाद बीते दो साल तक तो नेता प्रतिपक्ष नियुक्त करने के लिए भारतीय जनता पार्टी और समर्थक निर्दलीय पार्षदों के बीच वाद-विवाद चलता रहा और अभी पार्टी की ओर से नेता प्रतिपक्ष घोषित किए चौबीस घंटे भी नहीं बीते थे कि विरोध के स्वर तेज हो गए। भाजपा समेत एक दर्जन पार्षदों ने नवनियुक्त नेता प्रतिपक्ष का कड़ा विरोध जताते हुए अपनी ओर से नेता के नाम की घोषणा कर दी।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को भेजा पत्र
भारतीय जनता पार्टी के आठ और पार्टी की विचारधारा से सहमति रखने वाले चार निर्दलीय पार्षदों ने संयुक्त रूप से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को एक पत्र भेजकर लव शर्मा को कोटा नगर निगम (उत्तर) में नेता प्रतिपक्ष घोषित किए जाने के प्रति कड़ा एतराज जताते हुए इस फैसले के प्रति असहमति व्यक्त की और कहा कि इस बारे में भी कोई भी निर्णय करने से पहले सभी प्रतिपक्ष के पार्षदों से बातचीत करके किसी एक नाम पर सहमति बनाई जाए अन्यथा घोषित पार्षद नेता प्रतिपक्ष के रूप में उन्हें स्वीकार नहीं है और इन पार्षदों ने यहीं तक अपनी बात को खत्म नहीं किया बल्कि कोटा नगर निगम (उत्तर) के वार्ड संख्या 6 से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर निर्वाचित नंदकिशोर मेवाड़ा को अपनी ओर से नेता प्रतिपक्ष घोषित कर दिया।
पत्र को सार्वजनिक किया
भारतीय जनता पार्टी के आठ और समान विचारधारा रखने वाले चार निर्दलीय पार्षदों ने आज कोटा में एक पत्रकार वार्ता आयोजित करके प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को भेजे उस पत्र को सार्वजनिक किया जिसमें कोटा नगर निगम (उत्तर) में घोषित नेता प्रतिपक्ष के नाम पर कड़ा एतराज जताते हुए नंदकिशोर मेवाड़ा को अपनी ओर से नेता प्रतिपक्ष चुना है। इन पार्षदों में पार्षद संदीप नायक (वार्ड़-27), कुसुम सैनी(वार्ड़-29) पूजा केवट (वार्ड़-32, नवल सिंह हाड़ा (वार्ड़-31), पूजा सुमन (वार्ड़-26), रवि मीणा (वार्ड़-1), बलविंदर सिंह बिल्लू (वार्ड़-49), मेघा गुर्जर (वार्ड़-57), बीरबल लोधा (वार्ड़-70), राकेश सुमन पुटरा (वार्ड़-59), राम गोपाल (वार्ड़़-48), नंदकिशोर मेवाड़ा (वार्ड़-6) शामिल हैं।
कांग्रेस मुक्त भारत के सपने की ओर जाना चाहते हैं
इन पार्षदों का कहना था कि विगत डेढ वर्षों से जब से यह बोर्ड बना है तब से आज तक इसने कांग्रेस सरकार, नगर निगम बोर्ड, मंत्री व कांग्रेस के खिलाफ एक शब्द तक नहीं बोला, वही राजनीति में भी वह सबसे जूनियर है। इसके अलावा हमेशा से विधानसभा चुनाव में कोटा उत्तर में भाजपा का विरोध किया। ऐसे विवादास्पद व्यक्ति को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने का विरोध करते हैं। हमने प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर चेताया है कि हम नरेन्द्र मोदी के कांग्रेस मुक्त भारत के सपने की ओर जाना चाहते हैं लेकिन कुछ लोग कांग्रेस से मिलकर भारतीय जनता पार्टी को विशेष रुप से कोटा उत्तर में कमजोर करना चाहते हैं,उन लोगों की यह चाल है।
पूर्व में भी कांग्रेस का करने वालों की नियुक्ति का लगाया आरोप
पार्षदों ने तो यह भी कहा कि डेढ़ साल से हमारे पार्षद जो सार्वजनिक रूप से कांग्रेस के बोर्ड को घेर रहे हैं और यह दो-तीन पार्षद है जो कभी भी कांग्रेस सरकार व बोर्ड के खिलाफ नहीं बोलते। पार्षदों ने कहा कि मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में कांग्रेस की विचारधारा से लड़ रही है व पूरे देश को कांग्रेस मुक्त बनाने का काम कर रही है। वही कुछ लोग लोकसभा चुनाव में मोदी-अमित शाह का फोटो लगाकर चुनाव जीतते हैं व अन्य चुनावांे में व्यक्ति विशेष का फोटो लगाने की बात करते हैं। पूरे शहर में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में तो मोदी-अमित शाह का फोटो लगता है परंतु अन्य चुनावों में व्यक्ति विशेष का फोटो लगाना अनिवार्य है जिसका पार्टी में कोई अस्तित्व ही नही है। ऐसा माहौल भारतीय जनता पार्टी में कभी नहीं रहा। पार्षदों ने आरोप लगाया कि पूर्व में भी मंडल अध्यक्षों से लेकर कई पदों पर ऐसे लोगों की नियुक्ति की गई है जो लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी व विधानसभा और अन्य चुनावो मे कांग्रेस का काम करते हैं।
नंदकिशोर मेवाड़ा को अपना नेता प्रतिपक्ष चुना
प्रेस वार्ता के दौरान ही एक दर्जन से अधिक पार्षदों ने कोटा उत्तर वार्ड-6 से पार्षद नंदकिशोर मेवाड़ा को अपना नेता प्रतिपक्ष चुनते हुए फूलमालाओ से लाद दिया व कहा कि नंदकिशोर मेवाड़ा ही हमारे नेता प्रतिपक्ष होंगे। इस मौके पर नंदकिशोर मेवाड़ा ने भी कहा कि- ष्सभी पार्षदों ने मिलकर जो निर्णय किया है मैं उसका सम्मान रखते हुए नगर निगम के कांग्रेस बोर्ड के गलत कामों का विरोध करूंगा और जनहित के कामों सहित शहरवासियों की आवाज को नगर निगम में उठाऊंगा।ष् प्रेस वार्ता में पार्षद संदीप नायक, कुसुम सैनी, पूजा केवट, नवल सिंह हाड़ा, पूजा सुमन, रवि मीणा, बलविंदर सिंह बिल्लू, मेघा गुर्जर, बीरबल लोधा, राकेश सुमन पुटरा, राम गोपाल, नंदकिशोर मेवाड़ा उपस्थित थे।
पार्टी को जेबी संस्था बनाकर चलाने का लगाया आरोप
उधर कोटा नगर निगम (उत्तर) में लव शर्मा को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने का पूर्व पार्षद बृजेश शर्मा नीटू, इंद्र कुमार जैन, चंद्र प्रकाश सोनी, विकास तँवर, नीरज कुशवाहा, हेमा सक्सेना, मधु कुमावत, धापू मेहरा, ममता महावर, सुनीता मीणा, सेनहलता क्रांतिकारी, वंदना अग्रवाल, चिमन बैरवा, सीताराम शर्मा, मीनाक्षी गुप्ता सहित पूर्व मंडल अध्यक्ष शिव नारायण शर्मा, किशन प्रजापति, सत्यप्रकाश लोधा, पंकज साहू व भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने भी विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि जिलाध्यक्ष पार्टी को जेबी संस्था बनाकर चला रहे है। सारे निर्णय व्यक्ति विशेष से प्रभावित होकर लिये जा रहे हैं। इनको जिलाध्यक्ष इसलिए बनाया गया था कि यह संगठन के हिसाब से काम करेंगे व सबको साथ लेकर चलेंगे परंतु यह पूरे तरीके से पक्षपात पूर्ण रवैये से चुन-चुन कर पदाधिकारी बना रहे हैं व विशेष रुप से कोटा उत्तर में भारतीय जनता पार्टी को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं।
ताकि फ्रेंडली फाइट होती रहे
पूर्व में भी इन्होंने मंडल अध्यक्षों में ऐसे लोगों की नियुक्ति की जिन्होंने खुलकर शांति धारीवाल के साथ कांग्रेस को जिताने का काम किया था। जहां मंत्री धारीवाल भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं का नाम ले लेकर हमले करते हैं उसके बाद भी इन्होंने उनका विरोध करना उचित नहीं समझा और जानबूझ कर के नेता प्रतिपक्ष भी ऐसे आदमी को बना दिया जिससे फ्रेंडली फाइट होती रहे। सभी ने आरोप लगाया कि इन्होंने जिलाध्यक्ष बनने से आज तक सरकार के खिलाफ कोई ऐसा प्रदर्शन नहीं किया जिसमें पांच सौ लोग भी एकत्रित हुए हो।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं)

















