
राजस्थान से राज्यसभा की एक संभावित कांग्रेस सीट को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी कार्यकर्ताओं की निगाहें राहुल गांधी के फैसले पर टिकी हैं। कांग्रेस के भीतर यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि क्या पार्टी इस बार किसी नए और युवा मुस्लिम चेहरे को अवसर देकर सामाजिक प्रतिनिधित्व और नई नेतृत्वकारी पीढ़ी को आगे बढ़ाने का संदेश देगी। 2027 के विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में राज्यसभा उम्मीदवार का चयन कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
-देवेन्द्र यादव-

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के राजस्थान में एक दिवसीय दौरे के बाद राजस्थान से राज्यसभा में कांग्रेस का कौन-सा नेता जाएगा, इसे लेकर राज्यसभा जाने की उम्मीद लगाए बैठे नेताओं के बीच हलचल शुरू हो गई है। राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटें खाली होने वाली हैं और इनमें से एक सीट पर कांग्रेस की जीत की संभावना है। इस एक सीट पर दिल्ली और राजस्थान के कई बड़े नेताओं की नजर है, लेकिन राजस्थान के कांग्रेस कार्यकर्ताओं की निगाहें राहुल गांधी पर टिकी हुई हैं कि वे कांग्रेस की जीतने वाली एकमात्र सीट पर किस नेता को उम्मीदवार बनाएंगे।
केरल और कर्नाटक के फैसलों के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि राहुल गांधी इस सीट पर किसी कर्मठ, ईमानदार और पार्टी के प्रति वफादार कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाएंगे, न कि दिल्ली दरबार के किसी दरबारी नेता को।
वैसे राजस्थान से कांग्रेस की ओर से राज्यसभा जाने की उम्मीद लगाए बैठे नेताओं की संख्या भी कम नहीं है, लेकिन 2027 में राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भी राहुल गांधी राज्यसभा प्रत्याशी के चयन का निर्णय लेंगे।
राजस्थान में कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक—दलित, आदिवासी और पिछड़ा वर्ग—में कुछ कमी देखने को मिली है, वहीं कांग्रेस का एक बड़ा पारंपरिक वोट बैंक मुस्लिम समुदाय आज भी उसके साथ कायम है। लंबे समय से राजस्थान से कांग्रेस की ओर से लोकसभा और राज्यसभा में मुस्लिम समुदाय का कोई प्रतिनिधि सांसद नहीं है, क्योंकि कांग्रेस ने काफी समय से किसी मुस्लिम नेता को इन सदनों के लिए उम्मीदवार नहीं बनाया है।
ऐसे में इस बार राजस्थान का मुस्लिम समुदाय विशेष रूप से राहुल गांधी से मांग कर रहा है कि राज्यसभा के लिए किसी मुस्लिम नेता को प्रत्याशी बनाया जाए। राजस्थान कांग्रेस में कई मुस्लिम नेता मौजूद हैं, जिनमें वर्तमान और पूर्व विधायक भी शामिल हैं। हालांकि राहुल गांधी कांग्रेस के भीतर दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग और मुस्लिम समुदाय में नई नेतृत्वकारी पीढ़ी विकसित करना चाहते हैं।
इसी कारण राजस्थान के युवा मुस्लिम कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि राहुल गांधी किसी युवा मुस्लिम नेता को राज्यसभा का टिकट देंगे। इस संदर्भ में राजस्थान मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष और राजस्थान अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एम.डी. चौपदार का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। चौपदार युवा हैं और उनकी लोकप्रियता केवल मुस्लिम समाज तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य समाजों में भी उनकी स्वीकार्यता है। कांग्रेस के कई नेता भी उनके नाम पर सहमति जता सकते हैं।
राजस्थान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को भरोसा है कि राहुल गांधी दिल्ली दरबार में हाजिरी देने वाले नेताओं के बजाय राजस्थान के किसी नए मुस्लिम चेहरे को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाएंगे।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। यह लेखक के निजी विचार हैं।)

















