-कृष्ण बलदेव हाडा-
कोटा। पश्चिमी-मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने बीते साल में अब तक अपने घर से भागे या अपने परिवारजनों से बिछड़े 130 बच्चों को उनके परिवारजनों या अधिकृत सरकारी एजेंसी के हवाले कर अपने दायित्व का निर्वहन किया।
पश्चिमी-मध्य रेलवे के कोटा मंडल के अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रेल सुरक्षा बल कर्मियों ने अपनी ड्यूटी पूरी तत्परता और सतर्कता के साथ निभाते हुए ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ अभियान के तहत घर से भागे हुए,अपहृत हुए या बिछुड़े हुए बालक एवं बालिकाओं को सुरक्षित उनके परिजनों अथवा चाइल्ड लाइन को सुपुर्द किया है।
सूत्रों ने बताया कि इन्ही जिम्मेदारियों का कुशलपूर्वक निर्वहन करते हुए इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल से अब तक रेल सुरक्षा बल द्वारा ‘ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते’ के तहत घर से भागे हुये,अपहृत हुये, बिछड़े हुये 80 बालक एवं 50 बालिकाओं सहित कुल 130 बालक/बालिकाओं को सुरक्षित उनके परिजनों/चाइल्ड लाईन को सुपुर्द किया गया।
सूत्रों ने बताया किराष्ट्र और उसके नागरिकों की सेवा में कोटा मंडल के रेल सुरक्षा बल ने समपर्ण भावना के साथ कार्य करते हुये जरूरतमंद यात्रियों को सहायता प्रदान करने के साथ-साथ महिलाओं और बच्चों का विशेष ध्यान भी रखते हैं। सूत्रों का दावा है कि मंडल के आरपीएफ जवान सतर्कता, सुरक्षा और सेवा के तिहरे उद्देश्य के साथ पूरे देश में चौबीस घंटे लगन से काम करते हैं, रेल सुरक्षा बल द्वारा शुरू किए गए इन कार्यों को जनता से बहुत सकारात्मक और उत्साहजनक प्रतिक्रिया भी मिलती है।

















