
कोटा। हाड़ोती किसान यूनियन के प्रतिनिधि जगदीश कुमार ने कोटा संभाग के किसानों को कृषि उपज मंडी में खरीफ की फसलों को बेचने में आ रहें व्यवधान को समाप्त करवाने के लिए राज्य के कृषि विपणन मंत्री मुरारी लाल मीणा को पत्र प्रेषित कर अवगत कराया है।

पत्र में कहा गया है कि कोटा कृषि उपज मंडी भामाशाह में गत एक नवंबर से कृषि उपज (जिंस) को बेचने के लिए मंडी परिसर में सुव्यवस्थित रूप से स्थान उपलब्ध नहीं होने के कारण हजारों किसानों को लगातार तीन दिनों तक उपज बेचने के लिए रूकना पड़ रहा है। जिससे किसानों को किराए पर लाएं गये लोडिंग वाहनों (ट्रेक्टर ट्राली) का प्रति वाहन एक हजार रुपए से अधिक प्रति दिवस किराया देने के लिए विवश होना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में कृषि उपज मंडी भामाशाह प्रशासन को अविलंब निर्देशित कर वाहनों की पार्किंग व्यवस्था हेतु मंडी परिसर कि दीवार को तोड़कर स्थान निर्धारित किया जाऐ जिससे मंडी परिसर में वाहनों की आवाजाही की सुविधा बन सकेगी।
किसान यूनियन के प्रतिनिधि जगदीश कुमार ने पत्र में अवगत कराया कि वर्तमान में किसानों को रबी की फसलों कि बुआई के लिए खाद बीज की खरीद के लिए फसल बेचने का दबाव बना हुआ है एवं समय पर फसल कि बुआई नहीं होने से उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ेगा।

किसान नेता दशरथ कुमार ने कहा है कि कोटा कृषि उपज मंडी भामाशाह में स्थित परिसर वर्तमान में किसानों द्वारा उत्पादित वृद्धि के कारण गत आठ से दस वर्षों से छोटा पड़ने लगा है क्योंकि मंडी कि विश्वसनीयता के कारण राजस्थान राज्य से बाहर के (मध्यप्रदेश आदि) राज्यों के जिलों के किसान कोटा कृषि उपज मंडी में नगद भुगतान व्यवस्था के कारण कृषि उपज बेचने के लिए आकर्षित होते हैं। ऐसी स्थिति में कृषि उपज मंडी भामाशाह परिसर को विस्तारित करवाएं जाने के लिए किसान, हम्माल, स्थानीय व्यापारियों सहित संबंधित पक्षों कि बैठक हाड़ोती किसान यूनियन की ओर से आयोजित कि जाएगी जिसमें मंडी परिसर के विस्तार के लिए आन्दोलन कि रणनीति निर्धारित कि जाएगी।

















