-दुष्यन्त सिंह गहलोत-
सांगोद। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कैथून पर दो सिजेरियन आपरेशन किये गये। दोनों ही आपरेशन पूर्व सिजेरियन होने के साथ ही मेडिकल दृष्टिकोण से हाईरिस्क केसेज थे। इस प्रकार के केसेज ग्रामीण एरिया में करना चुनौती पूर्ण है इस साल में अभी तक 18 ऑपरेशन सीएचसी कैथून में हो चुके है। चिकित्सालय प्रशासन ने इस प्रकार चुनौती स्वीकार करते हुये प्रभारी डाँ. राजेश सामर के निर्देशन मे संस्थान मे पदस्थ डाँ. हरिओम सिंघल विशेषज्ञ एनेस्थेटिक , डाँ. नितू अग्रवाल गायनेकोलॉजिस्ट की टीम द्वारा सफलता पूर्वक कार्य को अन्जाम दिया। अभी जच्चा बच्चा दोनो स्वस्थ हैं। इस दौरान आपरेटर थियेटर प्रभारी अब्दुल हकीम एवं अल्ताफ हुसैन तथा लेबर रूम इंचार्ज अनुपमा, मुकुट पाटोणा,कान्ति बाई का भी सहयोग रहा। एवं उपरोक्त दोनों हाईरिस्क केसेज के पोस्ट आपरेटिव फोलोअप मे डाँ. मोरपाल पोटर , डॉ मनीष नामा शिशु रोग का सहयोग रहा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र केथून टीम के द्वारा अमावस्या टिकाकरण किया गया

सांगोद। शुक्रवार को जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ देवेंद्र झालानी एवम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर जगदीश सोनी एवं जिला कलेक्टर कोटा के नवाचार प्रोग्राम के रूप में दिए गए दिशानिर्देशिनुशार आज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कैथून प्रभारी डाँ. राजेश सामर के द्वारा बताया गया कि ईटों के भट्टे केथून मे 4 बच्चों व एक गर्भवती महिला का टिकाकरण किया गया हे। क्यों की अमावस्या के दिन काम करने वाले मजदूरों के यहां छुट्टी होने के कारण यह सब एक साथ घर पर मिल सके,इस दिन ईटों के भट्टो पर काम वाले अपने जोपड़ियो में रहते यह अपने काम के कारण अस्पताल में समय पर टीकाकरण करवाने नहीं आते हैं इसलिए उनके बच्चे एक गर्भवती महिलाओं की पूर्ण टीकाकरण नहीं हो पाता इस को देखते हुए जिला प्रशासन एवं चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक नया नवाचार प्रोग्राम चालू किया है उसी के मद्देनजर देखते हुए आज सीएचसी कैथून कस्बे के ईंट भट्टा एरिया में जाकर कैथून अस्पताल की टीम ने टीकाकरण किया इस दौरान डाँ. मोरपाल पोटर , गीता शर्मा , एएनएम ललिता पंकज, तब्सूम, आशा,चंदा रानी व आशा नामा आगनबाड़ी कार्यकर्ता साथ रही।

















