
कोटा। बाल विवाह के भय से घर छोडकर कोटा आ गई बालिका को बाल कल्याण समिति ने परिजनों के सुपुर्द किया और परिजनों को 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर ही बालिका का विवाह कराने के लिए पाबंद किया। आरपीएफ स्टाफ द्वारा शनिवार 23 सितंबर को एक बालिका को दस्तयाब कर बाल कल्याण समिति कोटा के रोस्टर सदस्य के समक्ष पेश किया गया। तब बालिका को गृह नांता में आश्रय दिलाया गया। बालिका ने बयान व काउंसलिंग में बताया कि परिवार वाले उसका कम उम्र में ही विवाह करना चाहते हैं, इस वजह से वह घर से पलायन कर कोटा आ गई। जानकारी करने पर यह सब यह तथ्य सामने आए कि बालिका जिला महाराजगंज उत्तर प्रदेश की निवासी है। जिस पर समिति ने तुरंत परिजनों को संपर्क कर बुलवाया। बाल कल्याण समिति कोटा के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़, सदस्य ऋषभ जैन, अंजुमन बानो , बाबूलाल मेहरा, हरप्रीत कौर ने सर्व समिति से बालिका के सर्वाेत्तम हित में बालिका के सर्वाेत्तम हित में आपात बैठक आयोजित कर परिजनों को समझाया कि वह बालिका के 18 वर्ष पूर्ण होने पर ही ? विवाह करवावें। इसके लिए उन्हें पाबंद किया गया। तत्पश्चात बालिका को परिजनों के सुपूर्द किया गया।

















