हौसलों के पंखों पर बैठ आकाश को छू कर दिखाएँ

-मनु वाशिष्ठ-

manu vashishth
मनु वशिष्ठ

वक्त कितनी जल्दी निकल जाता है, पता ही नहीं चलता। देखते ही देखते वर्ष 2022 भी अपने आखिरी पड़ाव पर है, वर्ष समाप्ति के अब कुछ ही दिन शेष बचे हैं। हमने बीते वर्ष में क्या क्या किया, इस पर आकलन करने की अवलोकन करने की आवश्यकता है। अधिकतर लोग नए वर्ष में, तरह तरह के (शिक्षा, कैरियर, स्वास्थ्य, कुछ आदतों को लेकर) संकल्प लेते हैं। कुछ संकल्प दिनों में, कुछ सप्ताह में और कुछ महीनों में ही दम तोड़ देते हैं। इस पर भी चिंतन करने की आवश्यकता है कि हम उन्हें कहां तक पूरा कर पाए या क्यों पूरा नहीं कर पाए, इसके बिना आशातीत चमत्कार की उम्मीद कम ही होगी। नव वर्ष प्राकृतिक मौसम के साथ नई ऊर्जा का संचार करता है। यह समय आत्म मंथन करते हुए नए लक्ष्य निर्धारित करने का समय है। हमें पिछले अनुभवों से सीखते हुए, सकारात्मकता एवं जुनून के साथ आगे बढ़ना है।
होटल्स, टूरिस्ट प्लेस, विज्ञापनों से भरे पड़े हैं नव वर्ष पर आयोजनों को लेकर। कुछ लोगों के लिए नव वर्ष केवल पार्टी /जश्न/ मॉकटेल/ कॉकटेल/ फास्ट फूड/ स्टाइलिश ड्रेस/ देर रात क्लब में डांस/ गाना/ धुंआ उड़ाना या बस यही कुछ हो सकता है, इससे आगे सोचने की जहमत ही नहीं उठाते। या यूं कहें पिछले कुछ वर्षों से युवा पीढ़ी इसी में ढल चुकी है और इस तरह अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाते, फिर अपनी कमियों को नजरअंदाज करते हुए अपने भाग्य को दोष देने लगते हैं। सारा दोष किस्मत या नए वर्ष के अच्छे बुरे होने पर नहीं मढ़ सकते। वर्ष या समय कोई खराब नहीं होता उसे बेहतर बनाना पड़ता है। ईमानदारी से अपनी कार्यशैली, कमियों को पहचान कर, बदलाव के बारे में सोचें। ऐसा करने से ही अपनी मंजिल तक पहुंच, लक्ष्य प्राप्त कर पाएंगे।
आइए उस अनंत शक्ति, ब्रह्मांड, ईश्वर का धन्यवाद करें, जिसने हमें कुछ और करने के लिए एक और वर्ष दिया। हंसते मुस्कुराते हुए, इस वर्ष जो भी अच्छी यादें हैं उपलब्धियां हैं जीवन है, उन सब बातों के लिए ईश्वर को धन्यवाद gratitude करते हुए सबके साथ साझा करें। और अच्छी यादों के साथ आगत का स्वागत, तथा इस वर्ष को टाटा/ बाय बाय/ अलविदा कहें।
नव वर्ष की पावन बेला में
नई सोच की ओर कदम बढ़ाएँ
हौसलों के पंखों पर बैठ
आकाश को छू कर दिखाएँ
ना हो भेदभाव की दीवार
जीवन में उदारता अपनाएं
चाहत जो थी सिमटी ख्यालों में
जरा हकीकत से रूबरू हो जाएं
देखे थे सपने खुली आंखों से
उन सपनों को नव वर्ष 2023 में सच कर दिखाएँ … !
__ मनु वाशिष्ठ कोटा जंक्शन राजस्थान

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