
-राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर प्रदर्शन: राजस्थान कांग्रेस में क्या चल रहा है?
-देवेंद्र यादव-

21 मई को कांग्रेस ने राजस्थान की राजधानी जयपुर में नीट पेपर लीक मामले को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन ने राजनीतिक हलकों में कई सवाल भी खड़े कर दिए। दरअसल, 21 मई कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि का दिन होता है। हर वर्ष कांग्रेस इस अवसर पर ब्लॉक और जिला स्तर पर संगोष्ठियां, श्रद्धांजलि सभाएं और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर अपने नेता को याद करती रही है। लेकिन इस बार राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पूरे प्रदेश में राजीव गांधी को याद करने के बजाय नीट पेपर लीक मामले को लेकर राजधानी जयपुर में प्रदर्शन आयोजित किया। सवाल यह उठ रहा है कि यह प्रदर्शन 20 या 22 मई को भी किया जा सकता था, जबकि 21 मई को पूरे प्रदेश में राजीव गांधी की पुण्यतिथि के कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते थे।
क्या कांग्रेस में “बेलगाम घोड़े” सक्रिय हैं?
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कई बार कह चुके हैं कि कांग्रेस में “कई प्रकार के घोड़े” हैं। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में चर्चा होने लगी कि क्या राजस्थान कांग्रेस में भी किसी “बेलगाम घोड़े” जैसी स्थिति देखने को मिल रही है? 21 मई को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ब्लॉक और जिला अध्यक्षों के साथ-साथ ब्लॉक, जिला और प्रदेश पर्यवेक्षक अपने-अपने क्षेत्रों को छोड़कर जयपुर में प्रदर्शन में शामिल नजर आए। इससे यह सवाल भी उठा कि आखिर पार्टी संगठन ने राजीव गांधी की पुण्यतिथि के पारंपरिक कार्यक्रमों को प्राथमिकता क्यों नहीं दी।
गहलोत और पायलट की अनुपस्थिति बनी चर्चा का विषय
इस प्रदर्शन से जुड़ा सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल यह रहा कि राजस्थान कांग्रेस के दो प्रमुख चेहरे—पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट—इस कार्यक्रम में नजर नहीं आए। अशोक गहलोत दिल्ली में राजीव गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित करते दिखाई दिए, जबकि सचिन पायलट भी राजीव गांधी को याद करते नजर आए। ऐसे में यह चर्चा और तेज हो गई कि क्या राजस्थान कांग्रेस में सब कुछ सामान्य नहीं चल रहा है?
क्या शक्ति प्रदर्शन की राजनीति हावी है?
राजस्थान कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के दो प्रमुख दावेदार माने जाने वाले अशोक गहलोत और सचिन पायलट, दोनों ही नेता प्रदेश कांग्रेस कमेटी के इस प्रदर्शन से दूर रहे। इससे राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या पार्टी के भीतर शक्ति प्रदर्शन की राजनीति चल रही है। कांग्रेस हाईकमान को इस बात पर भी मंथन करना चाहिए कि राजीव गांधी की पुण्यतिथि जैसे महत्वपूर्ण दिन पर ही पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन आयोजित करने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई। क्या यह कार्यक्रम किसी अन्य दिन आयोजित नहीं किया जा सकता था?
मीडिया में राजीव गांधी से ज्यादा प्रदर्शन की चर्चा
21 मई को सामान्यतः मीडिया और अन्य सार्वजनिक मंचों पर राजीव गांधी को याद किया जाता है। लेकिन इस बार राजस्थान में मीडिया की चर्चा का केंद्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी का प्रदर्शन बन गया। ऐसा प्रतीत हुआ मानो प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के लिए राजीव गांधी की पुण्यतिथि से अधिक महत्वपूर्ण नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन था। यही कारण है कि अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस संगठन के भीतर और बाहर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। यह उनके निजी विचार हैं।)

















