
-द ओपिनियन डेस्क-
नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना की मारक क्षमता और बढ़ गई है। देश में ही विकसित पहला लाइट कॉम्बैट हेलिकाप्टर यानी हल्का लडाकू हेलीकाप्टर हमारी वायु सेना को मिल गया है। इस हेलीकाप्टर को नाम मिला है प्रचंड । यानी सेना व वायु सेना की ताकत अब और प्रचंड होने वाली है। वायु सेना को दस और सेना को पांच ये एलसीएच हेलिकाप्टर मिलने वाले हैं। वायु सेना को अपना बड़ा मिल गया है। इससे वायु सेना की ताकत बढ़ेगी । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी की मौजूदगी में जोधपुर में एलसीएच का यह बेड़ा वायुसेना में शामिल किया गया। इस मौके पर एलसीएच के वायुसेना के बड़े में शामिल होने के फायदे गिनाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस मल्टी-रोल लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर के आगमन के बाद भारतीय वायु सेना की भूमिका और अधिक प्रभावी रूप में हमारे सामने होगी। वायु सेना ने राष्ट्र की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके साथ ही स्वदेशी रक्षा उत्पादन को भी पूरा सहयोग किया है।
दुश्मनों के हौसले हो जाएंगे पस्त
यह पाकिस्तान और चीन की सीमाओं पर दुश्मन हौसलों को भी पस्त कर देगा। ये पलक झपकते ही दुश्मन का खात्मा कर सकेंगे। भारत और पाकिस्तान सीमा पर दुर्गम पर्वतीय इलाके हैं। इसलिए इन हेलीकाप्टर की जरूरत खासतौर पर महसूस की जा रही थी। अब यह दूर होने वाली है। करगिल युद्ध के दौरान इनकी कमी खासतौर पर महसूस की गई थी। तब दुश्मन पहाड़ों पर ऊंचाई वाले इलाके में छिपा था।
उंचाई वाले इलाकों में अभियान चलाने में हैं सक्षम
इन हल्के वजन वाले हेलिकाप्टर की मदद से सेना सीमाओं पर आसानी से मिसाइल और अन्य हथियारों को ले जा सकेगी। इन विमानों को खास ऊंचाई वाले इलाकों में खास ऑपरेशन के लिए बनाया गया है। एलसीएच को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा विकसित किया गया है। इन्हें इस तरह से डिजायन किया गया है कि इन्हें मुख्य रूप से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात किया जा सके। इनका सीमाओं पर उन जगहों पर भी किया जा सकेगा जहां लडाकू विमान का जेट का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। प्रचंड 5.8 टन वजनी और दो इंजन वाला लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर है। वायु सेना को सौंपने से पहले इसकी शस्त्र प्रणालियों का गहन परीक्षण किया गया था। कैबिनेट की सुरक्षा संबंधी समिति ने 3,887 करोड़ रुपए की लागत से 15 स्वदेशी एलसीएच की खरीद को मंजूरी दी थी। जिनमें से 10 हेलीकॉप्टर भारतीय वायुसेना के लिए और पांच भारतीय सेना के लिए होंगे।

















