
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तक कोटा में बढ़ती कोचिंग छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं पर न केवल चिंता जता चुके हैं बल्कि वे कोटा के कोचिंग संस्थान संचालकों की जयपुर में रहते हुए ‘वर्चुअल क्लास’ भी ले चुके हैं लेकिन इसके बावजूद तमाम सारे सरकारी कागजों, दिशा-निर्देशों की अवहेलना करते हुए कोटा में कोचिंग संस्थान संचालक अपनी मनमर्जी से कोचिंग संस्थानों की गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं।
-कृष्ण बलदेव हाडा-

कोटा में सभी हदों को पार कर हो रही आत्महत्याओं की घटनाओं के चलते रविवार को अवकाश के दिन टेस्ट लिए जाने के बाद कोटा के दो कोचिंग संस्थानों के छात्रों ने आत्महत्या कर ली। यह दर्दनाक हादसे तमाम सरकारी दिशा-निर्देशों की पालना नहीं करने की कोचिंग संस्थानों की मनमानी प्रवृत्ति के तहत रविवार को अवकाश के दिन आयोजित टेस्ट के बाद हुए।
राजस्थान की कथित कोचिंग सिटी कहे जाने वाले कोटा में रविवार का अवकाश होने के बावजूद टेस्ट लिए जाने के बाद दो कोचिंग छात्रों ने आत्महत्या कर ली। एक कोचिंग छात्र अपने ही कोचिंग संस्थान की छठी मंजिल से कूद गया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई जबकि दूसरे कोचिंग छात्र ने टेस्ट देने के बाद अपने हॉस्टल में फांसी के फंदे से लटक कर अपनी जान दे दी। अकेले अगस्त महीने में कोटा में किसी कोचिंग छात्र के आत्महत्या करने की यह सातवीं घटना है।
कोटा के कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के एक मकान में रहने वाले बिहार से आए छात्र आदर्श ने फ़ांसी का फ़ंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। रविवार रात करीब आठ बजे इस मामले का पता उस समय लगा जब खाना खाने के लिए उसने अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोला। जैसे-तैसे दरवाजा खोल कर अन्य छात्र जब कमरे में पहुंचे तो छात्र आदर्श फ़ांसी के फ़ंदे से लटका हुआ मिला जिसे कोटा के एमबीएस अस्पताल लाया गया जहां जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मॉर्चरी में रखवाया गया है।
इसके पहले कोटा में रविवार को एक और कोचिंग छात्र ने अपने ही कोचिंग संस्थान की छठी मंजिल से कूद आत्महत्या कर ली।
कोटा के विज्ञान नगर स्थित इस कोचिंग संस्थान में रविवार को अवकाश देने होने के बावजूद टेस्ट के लिए बुलाये गये महाराष्ट्र के लातूर से कोचिंग के लिए आए आए छात्र 16 वर्षीय अविष्कार संभाजी कासले ने रविवार तीसरे पहर करीब तीन बजे बाद टेस्ट देकर घर पर इन्तजार कर रही अपनी नानी के पास वापस लौटने की जगह कोचिंग संस्थान की छठी मंजिल पर पहुंचकर ऊपर से कूदकर अपनी जान दे दी।
कोटा में किसी कोचिंग छात्र के आत्महत्या करने की अकेले अगस्त महीने में यह पांचवीं घटना है जबकि इस साल के अब तक बीते आठ महीनों में कोटा में 22 कोचिंग छात्रों ने आत्महत्या कर ली है या उनकी संदिग्ध हालत में मौत हो गई। महाराष्ट्र के लातूर का यह कोचिंग छात्र अविष्कार संभाजी पिछले करीब डेढ़ साल से अपनी नानी के साथ कोटा में रह रहा था और विज्ञान नगर थाना क्षेत्र के इंद्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र के रोड नंबर एक पर स्थित एक कोचिंग संस्थान में कोचिंग ले रहा था।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तक कोटा में बढ़ती कोचिंग छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं पर न केवल चिंता जता चुके हैं बल्कि वे कोटा के कोचिंग संस्थान संचालकों की जयपुर में रहते हुए ‘वर्चुअल क्लास’ भी ले चुके हैं लेकिन इसके बावजूद तमाम सारे सरकारी कागजों, दिशा-निर्देशों की अवहेलना करते हुए कोटा में कोचिंग संस्थान संचालक अपनी मनमर्जी से कोचिंग संस्थानों की गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं।
कोटा में कोचिंग छात्रों में तनाव को आत्महत्या की बड़ी वजह मानते हुए ही हाल ही में कोटा के जिला मजिस्ट्रेट ओम प्रकाश बुनकर ने हाल ही में एक दिशा निर्देश जारी करके कोचिंग संस्थानों से कहा था कि वह ‘संडे को फ़न-डे’ के रूप में मनाए और इस दिन किसी भी तरह की कोचिंग गतिविधि या टेस्ट आदि आयोजित नहीं किया जाए लेकिन इसके बावजूद आज रविवार होते हुए भी इस कोचिंग संस्थान में टेस्ट आयोजित किया गया। टेस्ट देने के बाद कोचिंग छात्र भागता हुआ अपने कोचिंग संस्थान की छठी मंजिल पर पहुंचा और वहां से कूद गया। नीचे गिरने के तत्काल बाद उसने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर विज्ञान नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बरामद करके उसे अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।


















कोचिंग छात्रों की आत्म हत्याओं को रोकने के लिए,शहर के होस्टलों के पंखों में स्प्रिंग लगाए गए हैं, ऐसे समाचार स्थानीय अखबारों में प्रकाशित होने के बाद एक छात्र ने। कल रविवार को पंखे से लटक कर आत्म हत्याओं कैसे कर ली है.परशासन तथा होस्टल संचालकों की कथनी करनी में बहुत भिन्नता है.