
-कृष्ण बलदेव हाडा-
कोटा। राजस्थान के कोटा में कुछ इलाकों में समाजकंटकों ने अवैध रूप से पार्किंग बना रखी है जहां वे वाहनों को खड़ा करने के एवज में आम आदमियों से धन की वसूली करते हैं। इस मामले को लेकरअब प्रशासन सक्रिय हुआ है और ऐसे तत्वों पर रोकथाम करने के लिए जिला कलक्टर ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कोटा शहर में यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने लेकर संबंधित अधिकारियों को ऐसी अवैध पार्किंग पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
बैठक जिला कलक्टर ओपी बुनकर ने सड़क सुरक्षा के मध्यनजर किए गए कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक शहर केसर सिंह शेखावत भी मौजूद रहे। कलक्टर ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अन्य प्रमुख मार्गों पर सड़क किनारे के झाड़-झंखाड़ की सफाई कराये एवं अनावश्यक कटों को बन्द किया जाए। सड़कों के गड्ढ़ों आदि को पेचवर्क से दुरुस्त किया जाए। सड़कों पर आवश्यक संकेतक व बोर्ड लगवाए जाए। चिन्हित एक्सीडेंट पॉइन्ट एवं नए निर्माणों से बने दुर्घटना की आशंका वाले स्थानों पर सुरक्षित यातायात के मध्यनजर आवश्यक प्रबन्ध किए जाए। अवैध पार्किंग पर अंकुश लगाया जाए।
श्री बुनकर ने नगर विकास न्यास (यूआईटी) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए निर्माण स्थलों जैसे ओवरब्रिज, अण्डरपास इत्यादि पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाए और शहर में पूर्व में लगे कैमरों की समीक्षा की जाए। श्री बुनकर ने निर्देश दिए कि गुमानपुरा पुरानी पुलिया के दोनों ओर डिवाइडर को ऊंचा किया जाए। अनन्तपुरा थाने के सामने दो पुलिया के कारण दुर्घटना की आशंका के चलते सड़कों पर 100 मीटर पहले स्पीड ब्रेकर बनाए जाए। अण्टाघर से जेडीबी जाने वाले मार्ग पर भी स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं।बैठक में मौजूद समिति सदस्यों ने सुरक्षित यातायात के लिए सुझाव रखे। बैठक में अतिरिक्त कलक्टर (प्रशासन) राजकुमार सिंह, सार्वजनिक निर्माण के अधीक्षण अभियंता आरके सोनी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


















कोटा शहर को कैटिल फ्री करना अथवा अवैध पार्किंग में गैरकानूनी वसूली के मामले मीडिया में, प्रशासन की ओर से रोकने के निर्देश समय समय पर होते रहे हैं, लेकिन। समस्या का हल आज तक नहीं हुआ है. कोटा की जनता इनसे दो चार होने की आदी हो गई है क्योंकि सब जानते हैं मीडिया में खबर आने के बाद प्रशासन समस्या का समाधान मानकर बैठ जाता है